वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

ambala coverage news यहां होगा देश का सबसे बड़ा मेडिकल गेम-चेंजर! लेकिन क्या आप तैयार हैं?

अमित कुमार
अंबाला कवरेज @ अंबाला । हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन व श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र के नग्गल में बनाई जा रहे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) में जहां विभिन्न रोगों से संबंधित टेस्ट की सुविधा होगी, वहीं बीमारी से संबंधित रिसर्च वर्क भी होगा, रिसर्च वर्क होने से देश व विश्व को फायदा होगा। उर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज रविवार को नग्गल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) का निरीक्षण कर रहें थे। उन्होंने इस केन्द्र का निरीक्षण करते हुए मौके पर मौजूद सीपीडब्ल्यूडी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से यहां पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रयोगशाला बनाने के लिए चार एकड़ जमीन खरीदकर दी गई है ताकि टेस्ट के साथ-साथ रोगों पर रिसर्च हो सकें। लगभग 17 करोड़ रूपए की लागत से यह प्रयोगशाला बनाई जाएगी। यहां सभी वैज्ञानिक बैठेंगे जो रिसर्च व टेस्टिंग करेंगे। हरियाणा सहित आसपास के सात राज्यों के विभिन्न रोगों से संबंधित टेस्ट यहां हुआ करेंगे और उन्हें दिल्ली या पूना आदि प्रयोगशाला नहीं जाना पड़ेगा। इसके बनने से प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू, पंजाब, राजस्थान, पश्चिमी उत्तरी पूर्वी के लोगों को फायदा होगा।

ambala coverage news डिजिटल इंडिया, लेकिन स्कूलों में ब्लैकबोर्ड तक नहीं! शिक्षा नीति पर बड़े सवाल

 

पहले फेज का कार्य प्रगति पर जल्द नई मुख्य बिल्डिंग भी बनेगी :- कैबिनेट मंत्री अनिल विज
ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि प्रयोगशाला निर्माण के पहले फेज के तहत यहां पर कार्य चल रहा है जोकि जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगा। उसके बाद यहां चार एकड़ में मुख्य बिल्डिंग बननी है। एनसीडीसी के प्रावधानों के तहत लैबे बनाई जाएगी और सीपीडब्ल्यूडी इसपर कार्य कर रही है।
मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए सम्बधिंत अधिकारियों से परियोजना के तहत पहले फेज का कार्य कब तक पूरा होगा और उसके बाद यहां पर क्या-क्या कार्य किए जाएगें उसकी भी जानकारी ली। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल, डॉ. हितेश वर्मा, डॉ. संजीव सिंगला, डॉ. सुनील हरि, नायब तहसीलदार सुनिल कुमार, पार्षद श्याम सुन्दर अरोड़ा, भाजपा नेता परमजीत सिंह, जसबीर जस्सी, फकीरचंद सैनी, राजीव त्यागी, संजीव वालिया, दीपचंद के साथ-साथ अन्य अधिकारी लोग मौजूद रहें। अम्बाला छावनी को इसलिए चुना एनसीडीसी के लिए अम्बाला छावनी में एनसीडीसी का निर्माण इसलिए हुआ क्योंकि यह हवाई, रेलवे जंक्शन और रोड नेटवर्क से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। छावनी में अटल कैंसर देखभाल केंद्र, सिविल अस्पताल अंबाला छावनी और तीन मेडिकल कॉलेज इसके नजदीक है, जहां से नियमित नमूने लिए जा सकते हैं। नई बीमारियों का पता लगाने, नियंत्रित करने व रोकने में मदद करेगी शाखा
एनसीडीसी शाखा में इबोला वायरस रोग (2014), महामारी इन्फ्लुएंजा ए एच1एन1 (2009-10), सार्स प्रकोप जैसी नई संक्रामक बीमारियों का पता लगाने, नियंत्रित करने और रोकने में मदद करेंगी। शाखा में डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और ई, चिकनपॉक्स और खसरा आदि जैसी हवा, पानी और खाद्य जनित बीमारियों के प्रकोप का पता लगाने, इलाज करने और रोकने का कार्य होगा।
एनसीडीसी में यह सुविधाएं होगी

ग्राउंड फ्लोर:-
रिसेप्शन, वेटिंग एरिया रूम, लॉबी, कांफ्रेंस हॉल, एडमिन आफिस, सिक्योरिटी रूम, आईटी वीडियो रूम, हेड आफ एनसीडीसी रूम एवं अन्य प्रशासनिक कार्यालय होंगे।

फस्र्ट  फ्लोर:-
सेम्पल कलेक्शन एवं यूटीलिटी रूम, वेटिंग रूम, लॉबी के अलावा, क्लाइमेट चेंज रूम, ईओसी रूम, ट्रेनिंग रूम, आईडीएसपी, ईपीडीमिलॉजी स्टाफ रूम, पैंट्री एवं अन्य रूम होंगे।

सेकेंड फ्लोर:-
इस फ्लोर में लैब व अन्य उपकरण लगाए जाएंगे जिनमें क्लाईमेट चेंज रूम, माक्रो लैब बैक्टीरयोलॉजी, एएमआर लैब, लैब टीचिंग एंड डेमो रूम, एएमआर आफिसर रूम, वीरोलॉजी, लौबी एवं अन्य रूम होंगे।

थर्ड फ्लोर:-
नॉन बीएसएल लैब एरिया, बीएसएल-2 लैब एरिया, स्टाफ कॉमन रूम, ओपन टैरेस, पैंट्री एवं अन्य रूम होंगे तथा पूरी बिल्डिंग में दो लिफ्टों का प्रावधान भी हैं।

ambala coverage news डिजिटल इंडिया, लेकिन स्कूलों में ब्लैकबोर्ड तक नहीं! शिक्षा नीति पर बड़े सवाल

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

Leave a Comment

और पढ़ें

Вывоз техники советского периода в современное время остается важной задачей в интересах решения экологических проблем. Исторический инженерный парк представляет разнообразные автомобили, что состоят вызывают эффективного утилізації. Существуют разнообразные способы утилизации, включая позволяют провести отрицательное влияние на экосистему, восстанавливая ресурсы и созидания обновленных продуктов.