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ambala coverage news क्या है वह जंग, जो भगत सिंह ने शुरू की थी? अनिल विज ने किया ऐतिहासिक आह्वान!”

अमित कुमार
अंबाला कवरेज @ अंबाला। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि उनके जहन में एक बात हमेशा गूंजती है कि “आजादी के आंदोलन में महात्मा गांधी जी उस समय देश की रहनुमाई कर रहे थे और उन्होंने कई भूख हड़ताल की लेकिन यदि वे भगत सिंह के लिए एक भी भूख हड़ताल करते तो आजाद हिंदुस्तान की रोशनी शहीद-ए-आजम भगत सिंह भी देख पाते”। श्री विज आज अम्बाला छावनी के सिविल एसडीएम सचिवालय में शहीद दिवस के अवसर पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के उपरांत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने शहीद भगत सिंह पर आधारित गीत व हिन्दुस्तान जिंदाबाद व इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाकर उपस्थित लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार किया। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि हमें उन्हें सम्मान देना चाहिए, उनके दिखाए गए रास्ते पर चलना चाहिए, अपने दिल में उनके लिए स्थान रखना चाहिए, यहीं उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धाजंलि हैं। जो जंग शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू ने शुरू की थी उसे जारी रखने की आवश्यकता है। अभी क्रांति को आगे चलाना व बढ़ाना होगा। एक दुश्मन (अंग्रेज रूपी) तो चला गया, कई दुश्मन अभी देश के अन्दर है, जिनमें भ्रष्टाचार, अक्रमन्यता, अपने दायित्वों को न निभाना, इनके खिलाफ जंग लडऩी है और ऐसे दुश्मनों को मारना है, तभी यह सच्ची श्रद्धाजंलि मानी जाएगी। हमने इस क्रांति को और आगे बढ़ानाना हैं, जो रह गए है इस देश के फल फूल, समानता का अधिकार, जोकि किसी एक व्यक्ति की बौकती न बने, इसके लिए हमें आजाद होना है और भ्रष्टाचार की जननी से मुक्ति लेनी हैं। यदि हम ऐसा करते है तो 100 गुणा देश तरक्की करेगा।

भ्रष्टाचार के दानव से मुक्ति पा ली तो देश सौ गुणा गति से बढ़ेगा : कैबिनेट मंत्री अनिल विज
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि जब देश आजाद हो उस देश के फल व फूल सब लोगों में बराबर बांटे जा सके। देश आजाद हुआ, मगर उस बगीचे से फल और फूल जो ज्यादा ताकतवर था वो ज्यादा उठाकर ले गया। हमने सबको देश में समानता का अधिकार दिलाना है। जब तक यह नहीं होगा तब तक हम व देश आजाद नहीं होगा। भ्रष्टाचार दानव से मुक्ति पा ली तो देश सौ गुणा गति से आगे बढ़ेगा।

पहले 100 रुपए में से 85 रुपया भ्रष्टाचार में चला जाता था, स्वयं राजीव गांधी ने यह कहा था : कैबिनेट मंत्री अनिल विज
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज सरकार द्वारा लोगों को सीधा खातों में लाभ दिया जा रहा है। पहले राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे तो उस समय विकास के लिए 100 रूपए ऊपर से भेजा जाता था, लेकिन खाते में 15 रुपए आते थे, 85 रूपया सिस्टम की भेंट यानि भ्रष्टाचार में चला जाता था। लेकिन हमारी सरकार यानि बीजेपी में विकास के लिए जितना पैसा आता है उतना ही खर्च होता हैं।

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जो कौमें शहीदों को याद नहीं करती वह फना हो जाती हैं : ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज
ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि जो कौमे शहीदों को याद नहीं करती वह फना हो जाती हैं। हमें अपने शहीदों का मान सम्मान करना चाहिए। मैंने अपने शहर में इस बात को ध्यान में रखा, सुभाष पार्क में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, लघु सचिवालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा तथा जीटी रोड अम्बाला छावनी में आजादी की पहली लड़ाई 1857 के शहीदों की याद में शहीदी स्मारक बनाने का काम किया जा रहा है। यह सभी प्रोजेक्ट हर वक्त देश के लिए हमें जीने के लिए प्रेरणा देगें कि हमने जीना देश के लिए है और देश को आगे ले जाना है और रास्ते में जो भी वायरस रूपी दुश्मन आएगा, उसे जड़ से खत्म करना हैं।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन पर आधारित गीत गाकर जोश का संचार किया
कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा व परिवहन मंत्री अनिल विज ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन पर आधारित गीत “तू ना रोना की तू है भगत सिंह की मां, मरके भी लाल तेरा मरेगा नहीं, घोड़ी चढ़के तो लाते है दुल्हन सभी, हंसते-हंसते हर फांसी चढ़ेगा कोई, कोई पंजाब, से कोई महाराष्ट्र से कोई यूपी से है कोई बंगाल से…” गाते हुए जोश का संचार किया। उन्होंने एक बार फिर कहा कि हमें अपने शहीदों का सम्मान करते हुए दिल में उनको अलग स्थान देते हुए उनके पद-चिन्हों पर चलते हुए देश को और आगे ले जाने का काम करना हैं।

गीत प्रस्तुत करने वाले नन्हे बालक को स्वैच्छिक कोष से 21 हजार रुपए दिए
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने नन्हे बालक आरव नन्दा द्वारा भगत सिंह के जीवन पर आधारित गीत की प्रस्तुति देने पर सराहना करते हुए उसे प्रोत्साहन स्वरूप 21 हजार रुपए अपने स्वैच्छिक कोष से दिए। मंत्री विज ने इस प्रस्तुति को सराहा और कहा कि ऐसे और बच्चे तैयार करने की आवश्यकता हैं।

कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन बारे बताया
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने शहीद-ए-आम भगत सिंह को नमन करते हुए उनके जीवन बारे बताया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह का जन्म सन् 1907 में हुआ था। उनका पालन पोषण क्रांतिकारी परिवार में हुआ। शुरू से ही उनके मन में देश के लिए कुछ करने की तमन्ना थी। जलियांवाला बाग की घटना के बाद शहीदे आजम भगत सिंह के दिल में उस ज्वाला का विस्फोट हुआ। लाला लाजपतराय अंग्रेजी हुकूमत की हुई ज्यादतियों के चलते उनके प्राण चले गए, इस बात का बदला लेने के लिए शहीदे आजम भगत सिंह ने प्रण लिया और साथियों के साथ सांडरस की हत्या कर दी, इतना ही नहीं पार्लियामेन्ट में घुसकर अंग्रेज हुकूमत को बताने के लिए कि हिन्दुस्तान जाग गया है, इसके तहत वहां पर बम फेंका था। उन्होंने कहा चाहते तो शहीदे आजम भगत सिंह वहां से भाग सकते थे, लेकिन वे वहां से भागे नहीं, बल्कि वहीं पर डटे रहे और उन्होंने वहां पर इंकलाब जिन्दाबाद के नारे लगाते रहें। इसके बाद 1931 में राजगुरु, सुखदेव व भगत सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दे दी। शायद शहीद-ए-आजम भगत सिंह ऐसा चाहते थे कि हिन्दुस्तान का जवान, नौजवान, अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़ा हो जाए, वो हुआ भी। आज सारे देश का जवान, नौजवान देश के लिए खड़ा हो गया है, समय में तबदीली आई और शहीदे आजम भगत सिंह की शहादत व अन्य शहीदों की शहादत किे चलते अंग्रेज यहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने कहा कि वह शहीदे आजम भगत सिंह के साथ-साथ उन सभी क्रांतिकारियों को शत-शत नमन करते है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों को हंसते-हंसते देश के लिए न्यौछावर कर दिया।

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यह मौजूद रहे
वहीं, कार्यक्रम के दौरान अम्बाला छावनी एसडीएम विनेश कुमार, आरटीए सुशील कुमार, ईओ रविन्द्र कुमार, भाजपा पदाधिकारी हर्ष बिन्द्रा, मोहित कौशिक, संजीव सोनी, किरण पाल चौहान, रवि बुद्धिराजा, बिजेन्द्र चौहान, रवि सहगल, मदन लाल शर्मा, बीएस बिन्द्रा, संजीव अत्री, परमजीत सिंह, राजीव त्यागी, दीपक भसीन, सुदर्शन सहगल, विपिन सोनी, जसबीर जस्सी, फकीर चंद सैनी, प्रमोद लक्की के साथ-साथ भाजपा पार्टी के अन्य पदाधिकारीगण व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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