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Ambala Today News : अंबाला का एक सरकारी स्कूल ऐसा भी जो प्राइवेट स्कूलों को भी देता है मात!

अंबाला कवरेज @ अंबाला। अंबाला। सरकारी स्कूलों को लेकर अक्सर यह कहा जाता है कि वे निजी स्कूलों की बराबरी नहीं कर सकते… लेकिन अंबाला के गांव झाडूमाजरा का एक सरकारी स्कूल इस धारणा को पूरी तरह बदल रहा है। सुविधाएं, सौंदर्यीकरण और नवाचार — हर मामले में यह स्कूल अब निजी स्कूलों को मात देता नजर आ रहा है। जब जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने इसका निरीक्षण किया तो वे भी इसकी व्यवस्था देखकर दंग रह गईं।

डीईईओ ज्योति सभ्रवाल ने कहा कि अंबाला के गांव झाडूमाजरा स्थित सरकारी मिडल स्कूल इन दिनों अपनी अनूठी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण योजना के तहत इस वर्ष जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले इस स्कूल का बृहस्पतिवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ज्योति सभ्रवाल ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल की इमारत, स्वच्छ प्रांगण, आधुनिक कंप्यूटर रूम, लाइब्रेरी, हॉल, मिड डे मील किचन और खास तौर पर किचन गार्डन का बारीकी से जायजा लिया। स्कूल की साज-सज्जा और व्यवस्थाओं को देखकर अधिकारी भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकीं। ज्योति सभ्रवाल ने कहा कि जिस तरह एक सरकारी स्कूल को इतने बेहतर तरीके से विकसित किया गया है, वह काबिले-तारीफ है। उन्होंने यहां तक कहा कि इस स्कूल का निरीक्षण खुद शिक्षा मंत्री को भी करना चाहिए, क्योंकि यह स्कूल पूरे प्रदेश में एक मॉडल के तौर पर उभर रहा है।

अमरीका से लौटे भारतीय नागरिक वर्याम सिंह ने कहा  कि झाडूमाजरा स्थित सरकारी मिडल स्कूल में पढ़ चुके वर्याम सिंह भले ही 1988में अमरीका चले गए थे लेकिन वो आज भी जब भी अमरीका से वापिस आते हैँ तो इस स्कूल में जरूर आते हैँ। स्कूल की प्रशांसा करते हुए वर्याम सिंह ने कहा की यह स्कूल बहुत साफ सुथरा है यहाँ का स्टाफ बच्चे सभी बहुत अच्छे हैँ और ये स्कूल प्राइवेट स्कूलों को भी मात देता है। कुल मिला कर उन्होंने अपील करी की अगर सरकारी स्कूलों की तरफ सभी मिल कर ध्यान दें तो हमें प्राइवेट स्कूलों की तरफ देखने की जरूरत नहीं। लगातार जिला और राज्य स्तर पर पुरस्कार जीतने वाला यह स्कूल आज सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक प्रेरक मिसाल बन चुका है — जो साबित करता है कि इच्छाशक्ति हो तो सरकारी स्कूल भी निजी स्कूलों से आगे निकल सकते हैं।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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