वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

ambala today news पूरे प्रदेश में उपसिविल अस्पताल जगाधरी को 34 नामाकिंत संस्थानों में से सर्वोतम क्यों आंका गया, इतने लाख रुपए नगर मिला पुरस्कार

यमुनानगर- सरकार द्वारा कायाकल्प कार्यक्रम देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की जॉंच के लिये चलाया जा रहा है, जिससे की सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएॅं प्रदान की जा सकें।  इस कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर के स्वास्थ्य संस्थानों का विभिन्न स्तर पर टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया था तथा इन निरीक्षणों के आधार संस्थानों द्वारा दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के के लिये संस्थानों को अंक प्रदान किये गये।   इस बारे में जानकारी देते हुये सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि पूरे प्रदेश में उप-सिविल अस्पताल जगाधरी को 34 नामाकिंत संस्थानों में से सर्वोत्तम आंका गया है तथा पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर आने पर 15 लाख रूपये के कैश पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है।   सिविल सर्जन ने इस अवसर पर अस्पताल व जिले के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी है तथा आशा व्यक्त की है कि इस उपलब्धि से प्रोत्साहित होकर जिले के अधिकारी व कर्मचारी मरीजों की सेवा के लिये प्रेरित होंगे।  इस उपलब्धि पर खुशी प्रकट करते हुये उप-नागरिक अस्पताल जगाधरी की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पूनम चौधरी ने इसका श्रेय अस्पताल के मेहनती चिकित्सकों व कर्मचारियों का दिया।  ambala today news पूरे प्रदेश में उपसिविल अस्पताल जगाधरी को 34 नामाकिंत संस्थानों में से सर्वोतम क्यों आंका गया, इतने लाख रुपए नगर मिला पुरस्कार
उन्होने बताया कि इसके अलावा राज्य में 33 अन्य संस्थानों को भी एक-एक लाख रूपये के प्रशस्ति पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है, इनमें यमुनानगर का सी.एच.सी. रादौर भी शामिल है।  इसके अलावा जिला अम्बाला से 3 सी.एच.सी. को, भीवानी से 1 सी.एस.सी. को, फरीदाबाद से एक एफ.आर.यू, फतेहाबाद से 3 सी.एच.सी. को, हिसार से 1 सी.एच.सी. को, जींद से 2 सी.एच.सी. को, कैथल से 3 सी.एच.सी. को, करनाल से 1 सी.एच.सी. को, कुरूकक्षेत्र से 3 सी.एच.सी. को, पलवल से 3 सी.एच.सी. को, पंचकुला से 1 सी.एच.सी. पानीपत से 3 सी.एच.सी. को, रोहतक से 3 सी.एच.सी. को, सिरसा से 3 सी.एच.सी. को व सोनीपत से 1 सी.एच.सी को प्रशस्ति पुरस्कार के रूप में एक-एक लाख रूपये प्राप्त हुये है। सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने जानकारी देते हुये बताया कि संस्थानों पर होने वाली डीलिवरी (प्रसव) व प्रसव उपरान्त पी.पी.आई.यू.सी.डी. लगाने में भी जिला यमुनानगर ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।  उन्होने बताया कि वर्ष 2020-21 में अगस्त तक के आंकडों के अनुसार जिला यमुनानगर में 7866 प्रसव हुये हैं तथा इनमें से 3367 महिलाओं को पी.पी.आई.यू.सी.डी. लगाई गई है।  जिसके अनुसार जिला यमुनानगर ने 42.8 प्रतिशत महिलाओं को पी.पी.आई.यू.सी.डी. लगाई है, जो अन्य सभी जिलों से सर्वाधिक है।ambala today news पूरे प्रदेश में उपसिविल अस्पताल जगाधरी को 34 नामाकिंत संस्थानों में से सर्वोतम क्यों आंका गया, इतने लाख रुपए नगर मिला पुरस्कार
Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

Leave a Comment

और पढ़ें

Вывоз техники советского периода в современное время остается важной задачей в интересах решения экологических проблем. Исторический инженерный парк представляет разнообразные автомобили, что состоят вызывают эффективного утилізації. Существуют разнообразные способы утилизации, включая позволяют провести отрицательное влияние на экосистему, восстанавливая ресурсы и созидания обновленных продуктов.

और पढ़ें

Вывоз техники советского периода в современное время остается важной задачей в интересах решения экологических проблем. Исторический инженерный парк представляет разнообразные автомобили, что состоят вызывают эффективного утилізації. Существуют разнообразные способы утилизации, включая позволяют провести отрицательное влияние на экосистему, восстанавливая ресурсы и созидания обновленных продуктов.