ambala today news किसान अपनी उपज की बिक्री मर्जी के अनुसार न केवल अपने राज्य में बल्कि दूसरे राज्यों की मंडियों में भी कर सकता है:मंत्री जय प्रकाश दलाल

चंडीगढ़। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा है कि किसान अपना उत्पाद स्वयं एक व्यापारी बनकर बेचें, इसके लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं, चाहे वे एफपीओ के माध्यम से बेचें या स्वयं अपना ब्रांड बनाकर बेचें। अब सहकारिता विभाग के माध्यम से गांव व शहरों में 2000 ‘रिटेल आउटलेट’ खोलने की एक नई योजना तैयार की जा रही है। ये ‘रिटेल आउटलेट’ मिनी सुपर मार्केट के रूप में कार्य करेंगे।यहां जारी एक वक्तव्य में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा है कि पिछले 6 वर्षों के दौरान केन्द्र सरकार व राज्य सरकार ने जितनी भी नई पहल की हैं, वे सब किसान हित में हैं।  हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल  ने केन्द्र सरकार द्वारा लाए गये दो अध्यादेश ‘कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अध्यादेश 2020’ तथा ‘मूल्य आश्वासन और कृषि सेवाओं पर किसान (सशक्तिकरण और सुरक्षा) समझौता अध्यादेश-2020’ से किसान अपनी उपज की बिक्री मर्जी के अनुसार न केवल अपने राज्य में बल्कि दूसरे राज्यों की मंडियों में भी कर सकता है। इस प्रकार वह अनुबंध खेती के तहत अपनी उपज पर किसी भी व्यक्ति या बैंक के साथ ई-अनुबंध कर सकता है। अब उसे फसली ऋण के लिए बैंक के पास जमीन गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होगी। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि किसान की आय वर्ष 2022 तक दोगुणी करने के प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों से फसलों की बुआई आरम्भ होने से पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर दिए जाते हैं। इससे किसान अपनी इच्छा के अनुसार फसल बोने का मन बना सकता है। उन्होंने कहा कि ये दोनों अध्यादेश आने से अगर किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी अधिक दाम मंडियों से बाहर मिलते हैं तो वह फसल बेच सकता है, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तो सरकार खरीदेगी ही अन्यथा भावांतर भरपाई योजना में फसल के भाव के अन्तराल को पूरा किया जाएगा। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने किसानों से अपील की कि वे इन अध्यादेशों के विषय में किसी के बहकावे में न आएं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर भी कुछ नेता किसानों को बहकाते रहे, परंतु अब किसान की समझ में गया और अब किसान स्वयं अपनी फसल का बीमा करने के लिए आगे आ रहा है। ambala today news किसान अपनी उपज की बिक्री मर्जी के अनुसार न केवल अपने राज्य में बल्कि दूसरे राज्यों की मंडियों में भी कर सकता है:मंत्री जय प्रकाश दलाल

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हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि किसानों की आढ़तियों पर निर्भरता कम करने के लिए नई-नई योजनाएं लाई जा रही हैं। इस बार गेहूं व सरसों की रबी फसलों की खरीद प्रक्रिया में नई व्यवस्था की गई और पहली बार किसानों के खाते में फसल बिक्री का भुगतान किया गया। हालांकि पहले किसानों का यह भुगतान आढ़ती के माध्यम से होता था और किसान को पता नहीं होता था कि उसका कितना पैसा आया है हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में एक लाख करोड़ रुपये कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए रखा गया है, जिसके तहत वेयरहाउस, एग्रो बेस्ड इन्डस्ट्री व अन्य शामिल हैं। इसमें से अधिक से अधिक राशि हरियाणा के किसान को मिले, इसके लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि आरम्भ में मेरा पानी-मेरी विरासत का भी कुछ लोगों ने विरोध किया था। यह योजना भावी पीड़ी के लिए जल संरक्षण की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक लाख हैक्टेयर क्षेत्र में धान के स्थान पर अन्य कम पानी वाली फसलों की बुआई करने का लक्ष्य रखा था, परंतु किसानों ने योजना के महत्व को समझा और 1,18,128 हैक्टेयर क्षेत्र का मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्टे्रशन करवाया है कि वे धान के स्थान पर अन्य फसल की बुआई करेंगे। इसी प्रकार मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी किसान को उनके निकट स्थानों पर ही उपलब्ध हो, इसके लिए स्कूलों व कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में पानी व मृदा की जांच की जाएगी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड पूरे प्रदेश में 70 लाख एकड़ क्षेत्र के लिए हर तीन साल में जारी किए जाएंगे ताकि किसान को उसकी भूमि की उर्वरा शक्ति की जानकारी हो और उसके अनुसार वह फसल की बिजाई कर सके। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि हरियाणा के 44,212 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के डिजिटलाइजेशन की शुरूआत की है, जिससे प्रदेश की एक-एक ईंच भूमि का रिकार्ड सरकार के पास होगा। भू-मालिक और वास्तविक काश्तकार किसान की भूमि का रिकार्ड प्राप्त होने से प्राकृतिक आपदाओं के समय फसलों को होने वाले नुकसान का आंकलन सही होने के साथ-साथ किसानों को समय पर मुआवजा दिया जा सकेगा। प्रदेश के 242 गांवों को लाल डोरा मुक्त बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन कार्य किया जा रहा है ताकि लाल डोरा के भीतर की सम्पतियों की खरीद-फरोख्त की जा सके। ambala today news किसान अपनी उपज की बिक्री मर्जी के अनुसार न केवल अपने राज्य में बल्कि दूसरे राज्यों की मंडियों में भी कर सकता है:मंत्री जय प्रकाश दलाल

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