वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

Ambala Coverage : जिला परिषद चुनाव: नेताओं की उम्मीद से ज्यादा हुई वोटिंग, आसान नहीं जीत हार का अंकलन!

अंबाला कवरेज @ अंबाला। अंबाला जिला परिषद के चुनाव प्रचार के दौरान नेताओं को उम्मीद थी कि वोटिंग के दिन लोग बेहद कम घरों से निकलेगे और मात्र 50 प्रतिशत तक ही वोटिंग होने का अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन वोटिंग के दिन जिस तरह वोटर बाहर आया और वोटिंग की, अच्छे खासे नेताओं का गणित बिगाड़ दिया है। चुनाव से पहले गांव स्तर पर अपनी वोटों की गिनती करते हुए जीत का दम भरने वाले जिला परिषद के चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवार अब टक्कर का चुनाव मानने लगे हैं। अनुमान के अनुसार जिला परिषद के चुनाव में करीब 70 प्रतिशत वोटिंग हुई और निश्चिततौर पर इस वोटिंग ने उम्मीदवारों के गणित को बिगाड़ दिया है

टीम द्वारा अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र में आने वाली दो सीटें के साथ साथ वार्ड नंबर 10 के भी कई बूथों पर जाकर वोटरों से बातचीत की। वोट किसको दिया यह तो अब खुलकर कोई नहीं बोला, लेकिन यह साफ था कि ग्रामीणों के बीच आपसी भाईचारा और अपने गांव का छोरा जैसे शब्दों ने कई बडेÞ नेताओं की परेशानियां को बढ़ाया है। जिला परिषद का चुनाव शुरू होने के साथ ही वार्ड नंबर-9 पहले ही दिन से हॉट सीट बना रहा। कभी मक्खन सिंह का नाम चर्चाओं में आया तो कभी सत्तापक्ष से मनदीप राणा की जीत के दावे गए गए। हरियाणा जनचेतना पार्टी के अध्यक्ष विनोद शर्मा के चुनावी मैदान में सुखचैन सिंह सुखी को उताकर जीत के स्मीकरणों को बदला और जीत की चर्चाओं में सुखी भी शामिल हो गया। वोटिंग के पहले तो सीधेतौर पर हरियाणा जनचेतना पार्टी से सुखी, आम आदमी पार्टी से मक्खन सिंह लबाना, भाजपा से मनदीप राणा के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था, लेकिन वोटिंग के दौरान चुनाव मैदान में उतरे आजाद उम्मीदवारों ने इन प्रत्याशियों के कई खेल बिगाड़े हैं।

वोटिंग के दिन गांव धुरकडा में हंगामा हुआ है यह बात सामने आई कि आजाद उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुआ परमजीत सिंह भड़ी के पक्ष में लोग खुलकर मतदान करते हुए नजर आए। इसी के साथ ही भड़ी के करीबी कहते हैं कि पिछले जिला परिषद के चुनाव में 3000 वोट मिले और ऐसे में यदि इस बार भी इतने वोट मिलते हैं तो निश्चिततौर पर कई नेताओं की जीत को हार में बदल सकती है। इसी के साथ नडियाली से आजाद उम्मीदवार अपने गांव के साथ साथ आस पास की बस्तियों से वोट को खींच रहे हैं। बरहाल बात क्या होगी, किसी जीत होगी किसी की हार हो यह तो 27 को पता चल पाएगा, लेकिन यह साफ है कि जिला परिषद के चुनाव काफी दिलचस्प रहा है।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

Leave a Comment

और पढ़ें

Вывоз техники советского периода в современное время остается важной задачей в интересах решения экологических проблем. Исторический инженерный парк представляет разнообразные автомобили, что состоят вызывают эффективного утилізації. Существуют разнообразные способы утилизации, включая позволяют провести отрицательное влияние на экосистему, восстанавливая ресурсы и созидания обновленных продуктов.

और पढ़ें

Вывоз техники советского периода в современное время остается важной задачей в интересах решения экологических проблем. Исторический инженерный парк представляет разнообразные автомобили, что состоят вызывают эффективного утилізації. Существуют разнообразные способы утилизации, включая позволяют провести отрицательное влияние на экосистему, восстанавливая ресурсы и созидания обновленных продуктов.