Ambala Coverage News : शिकायतकर्ता का आरोप, वोहरा आई अस्पताल ने आयुष्मान योजना के तहत दिखाया फर्जी एडमिशन, टैक्स के पैसे भी वसूले

अंबाला कवरेज @ शिल्पी कंबोज/अमित अठवाल। केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई महत्वकांक्षी योजना आयुष्मान भारत बेशक गरीबों के लिए बड़ी राहत पहुंचाने का काम कर रही हो, लेकिन अस्पताल संचालकों ने इस योजना का लाभ लेने के लिए केवल कागजों में नियमों को पूरा करके सरकार को चूना लगाने में लगे हैं। अंबाला कैंट के रहने वाले एक व्यक्ति ने सीएम विंडो पर शिकायत देते हुए अंबाला कैंट के वोहरा आई अस्पताल पर सवाल खड़े करते हुए मामले की जांच की मांग की है। प्रभावित ने कहा कि यदि इस मामले में अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच करते हुए उसे इंसाफ नहीं दिया तो वह इस मामले में अधिकारियों को पार्टी बनाते हुए कोर्ट में केस दाखिल करेंगे।

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अंबाला कैंट नन्हेड़ा के रहने वाले विशाल मल्होत्रा ने सीएम विंडो पर शिकायत देते हुए वोहरा आई अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए हैं। शिकायत ने कहा कि वह अपनी आंख की जांच करवाने के लिए अस्पताल गया था और 14 मार्च 2024 को उसे अंबाला कैंट में बने वोहरा आई अस्पताल में दाखिल कर लिया गया और जरूरी दवाईयां डालने के बाद उसे 14 मार्च 2024 को ही दोपहर 3 बजे घर वापस भेज दिया गया। प्रभावित विशाल मल्होत्रा ने बताया कि 15 मार्च 2024 को उसे बुलाया गया और उसकी आंखों की पट्टी खोली गई। जिसके बाद उससे कुछ कागजों पर साइन करवाए गए।

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प्रभावित विशाल मल्होत्रा का आरोप है कि वह 15 मार्च 2024 को जब घर वापस आया तो उसने दस्तावेजों की जांच की तो वह हैरान हो गया। वोहरा आई अस्पताल के डॉक्टरों कागजों में उसे 14 मार्च को दाखिल दिखाया और 15 मार्च को उसका डिस्चार्ज दिखाया। जानकारी हासिल करने पर पता चला कि आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल उस स्थिति में मिल सकता है जब व्यक्ति को 24 घंटे दाखिल दिया गया हो। ऐसे में वोहरा आई अस्पताल ने योजना के तहत पेमेंट लेने के लिए नियमों की अनदेखी की और मुझे दाखिल किए बिना फर्जी दाखिला दिखाया। इसके साथ प्रभावित ने कहा कि दवाईयों की जांच करने पर पाया गया कि जिन दवाईयों को देने का जिक्र डिस्चार्ज स्लिप पर किया गया है, वह दवाईयां उसे दी ही नहीं गई। इतना ही नहीं जो उसे दवाईयां दी गई वह भी सैंपल दवाईयां थी। इस संबंध में जब अस्पताल में जाकर उसने बात करनी चाहिए तो अस्पताल स्टाफ ने कहा कि यदि लिखी हुई दवाईयां चाहिए तो रुपए देने होंगे।

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इतना ही नही सीएम विंडो पर दी शिकायत में प्रभावित विशाल मल्होत्रा ने कहा कि पूछताछ करने पर सामने आया कि आयुष्मान कार्ड के तहत आप्रैशन करवाने पर किसी तरह की कोई पेमेंट मरीज से नहीं ली जाती, लेकिन वोहरा आई अस्पताल संचालकों ने टेस्ट के नाम पर उससे 500 रुपए लिए है और उसका रिकॉर्ड उसके पास उपलब्ध है। सीएम विंडो पर जिक्र करते हुए प्रभावित ने कहा कि वोहरा आई अस्पताल द्वारा जितने भी मरीजों की जांच की गई उसकी जांच करवाई जाए और यह पता किया जाए कि कहीं मरीजों से भी पेमेंट लेने के बाद आयुष्मान कार्ड का लाभ अस्पताल तो नहीं ले रहा। प्रभावित ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती तो वह इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे और सरकार की महत्वकांक्षी योजना को कैसे अस्पताल संचालक अपनी सुविधा के अनुसार बदलकर लाभ उठाने में लगे हैं, उसका पर्दा उठाया जाएगा। वहीं इस संबंध में हमने अस्पताल के मालिक रवि वोहरा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया। रिकॉर्ड में कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए रवि वोहरा केवल एक ही बात पर अड़े रहे कि आप्रैशन तो अच्छा हुआ है न। फिलहाल इस मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग की टीम के पास और देखना यह होगा कि जांच में क्या सामने आता है।

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