चंडीगढ़। हरियाणा के गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने प्रदेश के नागरिकों को बिजली, पानी, सडक़, नाली (गंदे पानी की निकासी) तथा सफाई सहित पांच मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करवाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। हरियाणा के गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमीनार में नवनियुक्त जिला निकाय आयुक्तों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अन्र्तगत आने वाले सभी क्षेत्रों, शहरों तथा कस्बों में तुरन्त प्रभाव से स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए ताकि लोगों को रात्रि के समय असुविधा न हो। इसके साथ ही पीने का पानी, गंदे पानी की समुचित निकासी तथा सम्पूर्ण सफाई व स्वच्छता की व्यवस्था करने के भी आदेश दिए हैं। इसके अलावा, आवागमन को सहज बनाने के लिए विभाग के नियंत्रण में आने वाले सभी शहरों एवं कस्बों में साफ-सुथरी एवं गड्डा मुक्त सडक़ें बनाने के भी निर्देश दिए।
हरियाणा के गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने कहा कि यह विभाग सभी मनुष्यों की आधारभूत जरूरतों को पूरा करने वाला है। इसलिए इसके प्रत्येक कार्य में लोगों के उत्थान का लक्ष्य निहित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त स्थानीय प्रशासन देने के लिए एक मोबाइल ऐप वर्कर्स मैनेजमेंट सिस्टम बनाया गया है, जिसमें फाईल वर्क, टेंडर, तकनीकी स्वीकृति इत्यादि ऑनलाइन सुविधाएं प्राप्त होगी। इससे न केवल काम में गति आएगी बल्कि समयबद्ध तरीके से भी पूरा किया जाएगा। हरियाणा के गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने कहा कि सभी डीएमसी अपने क्षेत्र में सब-कमेटियों का गठन करें, जिनमें से पहली कार्य को करवाने वाली संचालन समिति तथा दूसरी कार्य जांच हेतु निरीक्षण समिति शामिल हो। इससे काम की गुणवत्ता में बढोतरी होगी। उन्होंने कहा कि डीएमसी को सभी नगरपालिकाओं के कार्यों में सहयोग करते हुए अगले वर्ष हरियाणा को पहले नम्बर पर लाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। इसके अलावा, प्रत्येक घर से कचरा एकत्र करने तथा उसके निपटान की भी समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके साथ डीएमसी को चाहिए कि वे अपने क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण करें, जिससे उसकी गुणवत्ता अच्छी बनी रहे। हरियाणा के गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने कहा कि विभिन्न निकायों में लोगों की तरफ बकाया टैक्स की वसूली को प्राथमिकता दें ताकि विकास कार्यों में गति आ सके। इसके साथ ही शहरों में पानी भराव की स्थिति से निपटने के लिए उपयुक्त योजना तैयार करें, जिससे बारिश के मौसम में आ रही दिक्कतों से निपटा जा सके।