अमित कुमार
अंबाला कवरेज @यमुनानगर। बकाया संपत्ति कर के सरकारी विभागों के अधिकारियों की मंगलवार को निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी व प्रतिनिधि पहुंचे। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने एक-एक कर सभी विभागों के अधिकारियों से बातचीत की और बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के संबंधित में अब तक की गई कार्यवाही के बारे में जाना। उन्होंने सभी अधिकारियों को बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जल्द से जल्द जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें कड़ी चेतावनी दी कि यदि प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया तो विभाग के कार्यालय को भी सील करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में सरकारी विभागों के विभिन्न भवन बने हुए है। जिन पर 10 करोड़ रुपये अधिक प्रॉपर्टी टैक्स बकाया हैं। नगर निगम द्वारा सरकारी विभागाध्यक्षों को डीओ लेटर जारी कर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए थे। कुछ विभागों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा दिया गया था। कुछ ने उच्च अधिकारियों से टैक्स जमा कराने के लिए बजट की मांग की। लेकिन कुछ विभागों द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसके चलते निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने सरकारी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और उनसे टैक्स जमा कराने बारे अब तक की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी ली। कुछ विभागों के अधिकारियों ने कहा कि उनकी तरफ से उच्च अधिकारियों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए बजट की मांग की गई है। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को दोबारा पत्र लिखने या अपने बजट से प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराए, नहीं तो निगम द्वारा विभाग के भवन को सील कर दिया जाएगा। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स निगम की आमदनी का सबसे बड़ा साधन है। जिससे शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। अफसर नगर निगम की आय बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। निगम द्वारा कुछ दिन पहले प्रॉपर्टी टैक्स के एक लाख से अधिक के बकाएदारों की प्रॉपर्टी सील की थी। बकाया टैक्स न देने पर अब सरकारी विभागों के भवनों को भी सील किया जाएगा।
अंबाला कवरेज @यमुनानगर। बकाया संपत्ति कर के सरकारी विभागों के अधिकारियों की मंगलवार को निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी व प्रतिनिधि पहुंचे। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने एक-एक कर सभी विभागों के अधिकारियों से बातचीत की और बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के संबंधित में अब तक की गई कार्यवाही के बारे में जाना। उन्होंने सभी अधिकारियों को बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जल्द से जल्द जमा कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें कड़ी चेतावनी दी कि यदि प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया तो विभाग के कार्यालय को भी सील करने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में सरकारी विभागों के विभिन्न भवन बने हुए है। जिन पर 10 करोड़ रुपये अधिक प्रॉपर्टी टैक्स बकाया हैं। नगर निगम द्वारा सरकारी विभागाध्यक्षों को डीओ लेटर जारी कर बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए थे। कुछ विभागों द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा दिया गया था। कुछ ने उच्च अधिकारियों से टैक्स जमा कराने के लिए बजट की मांग की। लेकिन कुछ विभागों द्वारा इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिसके चलते निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने सरकारी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और उनसे टैक्स जमा कराने बारे अब तक की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी ली। कुछ विभागों के अधिकारियों ने कहा कि उनकी तरफ से उच्च अधिकारियों को प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए बजट की मांग की गई है। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने संबंधित अधिकारियों को दोबारा पत्र लिखने या अपने बजट से प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराए, नहीं तो निगम द्वारा विभाग के भवन को सील कर दिया जाएगा। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स निगम की आमदनी का सबसे बड़ा साधन है। जिससे शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। अफसर नगर निगम की आय बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। निगम द्वारा कुछ दिन पहले प्रॉपर्टी टैक्स के एक लाख से अधिक के बकाएदारों की प्रॉपर्टी सील की थी। बकाया टैक्स न देने पर अब सरकारी विभागों के भवनों को भी सील किया जाएगा।
इन विभाग पर निगम का बकाया है प्रॉपर्टी टैक्स –
मार्केट कमेटी – 33749398
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर – 42986776
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण – 1425362
जिला परिषद – 9758995
पंचायती विभाग एवं पंचायत भवन – 306556
हरियाणा रोडवेज राज्य परिवहन – 2832329
वन विभाग – 753457
हैफड – 209636
पशुपालन विभाग – 425854
सामाजिक न्याय अधिकारिता निदेशालय- 3854184
हरियाणा बीज विकास निगम लिमिटेड क्षेत्रीय प्रबंधक – 198178
पुलिस विभाग – 8002138
सिंचाई विभाग – 1044491
जन स्वास्थ्य विभाग – 2610448
सामाजिक न्याय अधिकारिता निदेशालय – 3854184
बिजली विभाग यूएचबीवीएन – 407788