डीईईओ ज्योति सभ्रवाल बोली, सरपंच ने गिराई दीवार, फिर भी विभागीय अधिकारी शिकायत करने को नहीं तैयार!

अंबाला गांव कोडर्वा कला में सरकारी स्कूल की दीवार तोड़ने का मामला, आखिर अभी तक दीवार तोड़ने के मामले में वर्तमान सरपंच के खिलाफ शिक्षा विभाग ने क्यों नहीं दी शिकायत

अमित अठवाल @ अंबाला कवरेज। अंबाला के गांव कोडर्वा कला में बने प्राइमरी स्कूल की दीवार तोड़ने का मामला लगातार तुल पकड़ा जा रहा है। हालात यह है कि दीवार को गिराए 40 दिन से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन अभी तक डीसी अंबाला अजय तोमर के आदेशों के बाद भी न तो दीवार का निर्माण किया गया और न ही दीवार तोड़ने वालों के खिलाफ किसी तरह की कोई शिकायत दी गई। वहीं दूसरी तरफ मीडिया से शिक्षा विभाग का पक्ष रखते हुए डीईईओ ज्योति सभ्रवाल ने सीधे शब्दों में कहा था कि स्कूल की दीवार को गांव की महिला सरपंच ने तोड़ा है, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से दीवार तोड़ने वालों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की गई।

जुटाए तथ्यों की बात करें तो गांव कोडर्वा कला की महिला सरपंच का एक सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें महिला सरपंच गांव की कुछ महिलाओं के साथ मिलकर निर्माण की जा रही स्कूल की दीवार को तोड़ते हुए दिखाई दे रही है। इस मामले को लेकर गांव के कुछ पंच सरपंच के साथ है और कुछ पंच विरोध में हैं। जिसको लेकर पंचों ने मिलकर अंबाला डीसी अजय तोमर को लिखित में शिकायत सौंपी थी और दीवार निर्माण किए जाने की मांग उठाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी अजय सिंह तोमर ने तुरंत डीईईओ को लिखित आदेश करते हुए दीवार निर्माण की बात कही थी और दीवार तोड़ने वालों पर भी कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। हालात यह है कि डीईईओ मीडिया से मौखिक तौर पर तो कहती हैं कि दीवार गांव की सरपंच ने तोड़ी है, लेकिन 40 दिन से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली महिला सरपंच के खिलाफ कोई पुलिस को शिकायत नहीं दी। बताया जाता है कि स्कूल के हैडमास्टर ने पहले पुलिस को निर्माण को तोड़ने के लिए शिकायत पुलिस को दी थी, लेकिन बाद में वापस ले ली।

आखिर दीवार तोड़ने वालों को क्यो बचाना चाहता है शिक्षा विभाग

गांव कोडर्वा कला में बने प्राइमरी स्कूल की दीवार तोड़ने के मामले को लेकर शिक्षा विभाग दीवार को बनाने के लिए पत्राचार तो रहा है, लेकिन दीवार तोड़ने वाले और उसका निर्माण रोकने वाले के खिलाफ किसी तरह का पत्राचार नही किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर आखिर शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं करवाना चाहते। आखिर क्यो डीईईओ ज्योति सभ्रवाल मीडिया को तो दीवार तोड़ने पर सरपंच का नाम लेती है, लेकिन पुलिस को दीवार तोड़ने वालों के खिलाफ लिखित शिकायत देने को तैयार नही। क्यो शिक्षा विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले में केवल हैडमास्टर को आगे कर लेटर लेटर खेल रहे हैं।

स्कूल की दीवार तोड़ना पड़ सकता है भारी

गांव कोडर्वा कला में बनने प्राइमरी स्कूल की दीवार तोड़ने को मामले में जिला पंचायत अधिकारी ने इस मामले में रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर वर्तमान सरकार पर सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाने के साथ साथ अन्य कई अनियमितताओं को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी हो सकता है। बताया जाता है कि यदि सरपंच की ओर से इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो सरपंच को बर्शास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। जानकार बताते हैं कि सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाने का मामले में सरकार की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें