अमित कुमार
अंबाला कवरेज @ अंबाला । गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज अंबाला छावनी में जेसीआई अंबाला सिविल हॉस्पिटल अंबाला कैंट एवं फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली एवं ड्रॉप्स ऑफ चेंज के संयुक्त तत्वाधान में कॉलेज ऑडिटोरियम में एक दिवसीय रक्तदान शिविर और महिला कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जे.सी जगदीप सिंह सोढ़ी ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता जीएमएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ रोहित दत्त के द्वारा की गई तो वही यूथ रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार ने कार्यक्रम में संयोजक की भूमिका निभाई । कॉलेज प्राचार्य डॉ रोहित दत्त ने मुख्य अतिथि का कॉलेज प्रांगण में पहुंचने पर पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया । मंच संचालन की जिम्मेदारी डॉ. अमित कुमार ने निभाई। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान महादान है ,क्योंकि जब आप रक्तदान करते हैं तो सिर्फ अपना रक्त नहीं देते बल्कि एक या एक से अधिक लोगों को जीवन दान भी देते हैं, उन्होंने कहा कि हमें हर परिस्थिति में रक्तदान करना चाहिए। प्राचार्य डॉ रोहित दत्त ने कहा कि रक्तदान के माध्यम से रक्त कोशिकाओं में आयरन को कम करके दिल और स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है ।शोध में कहा गया है कि अगर 43 से 61 वर्ष की आयु के व्यक्ति हर 6 महीने में रक्तदान करते हैं तो उनमें दिल के दौरे और स्ट्रोक होने की संभावना बहुत हद तक कम हो जाती है और साथ ही लगातार रक्तदान से लीवर, फेफड़े, क्लोन और गले के कैंसर के खतरे को भी कम किया जा सकता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर में जमा आयरन स्वस्थ स्तर पर बना रहता है।
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इस अवसर पर फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली से आए विशेषज्ञ डॉक्टर,डॉ. विशाल और डॉ. दीप्ति ने रक्तदान के महत्व और महिला कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाई। उन्होंने बताया कि नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर रक्तदान से कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है। कार्यक्रम में जेसीआई अंबाला के अध्यक्ष विभू शर्मा एवं रोहित जैन, सुमित गुप्ता ,आदित्य वर्मा ,अंतिश मित्तल, विपिन शर्मा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। कॉलेज के यूथ रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने रक्तदान के महत्व को समझाते हुए कहा कि रक्तदान महादान है और हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और लोग आगे बढ़कर रक्तदान के लिए प्रेरित होते हैं। शिविर के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अध्यापकों और स्थानीय नागरिकों ने रक्तदान किया और महिला कैंसर जांच शिविर में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।