ambala coverage news : नगर निगम कानून की धारा 45(1) का हवाला देकर आज फिर प्रदेश सरकार को लिखा – हेमंत

अमित कुमार
अंबाला कवरेज @ अंबाला।  आज से  6  महीने पूर्व  3 नवम्बर 2024 को  को हरियाणा सरकार द्वारा   2018 बैच  के आई.ए.एस.  अधिकारी  सचिन गुप्ता   को मुख्य तौर पर अम्बाला  का  अतिरिक्त उपायुक्त (ए.डी.सी.) और उसके   साथ साथ   जिला  नगरपालिका  आयुक्त  और  नगर निगम, अम्बाला के कमिश्नर के पद का भी अतिरिक्त कार्यभार प्रदान किया गया. हालांकि उसके एक माह दिसम्बर, 2024 में सचिन के स्थान पर  2016 बैच के  आई.ए.एस.  डॉ. ब्रह्मजीत रंगी को अम्बाला का ए.डी.सी. तैनात कर दिया गया. इसी बीच शहर के सेक्टर 7 निवासी हाईकोर्ट के  एडवोकेट एवं कानूनी विशेषज्ञ  हेमंत कुमार   ने  बताया कि सचिन गुप्ता  के  अम्बाला नगर निगम कमिश्नर के तौर पर तैनाती  आदेश जारी होने  के आज 6 महीने  बाद भी  राज्य  सरकार द्वारा उनकी उक्त पद पर  नियुक्ति के  संबंध में प्रदेश के  शासकीय गजट में वैधानिक  नोटिफिकेशन  प्रकाशित नहीं की गई है जो हालांकि   हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 अनुसार  कानूनन आवश्यक है.  इस सम्बन्ध में हेमंत ने आज एक बार पुन: प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, विभाग के कमिश्नर एवं सचिव विकास गुप्ता, महानिदेशक एवं सचिव विकास यश पाल, अंबाला मंडल के  कमिश्नर अंशज सिंह , डीसी अजय तोमर को लिखकर उपरोक्त विषय उठाया है. उन्होंने अम्बाला  न.नि. कमिश्नर सचिन गुप्ता और मेयर शैलजा सचदेवा   को भी उक्त पत्र की कॉपी भेजी है.

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हेमंत  आगे बताया कि हरियाणा नगर निगम कानून, 1994   की मौजूदा  धारा 45(1)  में स्पष्ट तौर पर उल्लेख   है कि राज्य सरकार द्वारा राजपत्र (गजट) में अधिसूचना द्वारा  किसी उपयुक्त अधिकारी की नगर निगम कमिश्नर के रूप में नियुक्ति की जाएगी. परन्तु यह अत्यंत आश्चर्यजनक  है कि आज तक प्रदेश सरकार के  शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा सचिन गुप्ता की अम्बाला  नगर निगम कमिश्नर  के तौर पर  नियुक्ति  सम्बन्धी   गजट अधिसूचना प्रकाशित नहीं की है. उन्होंने  बताया कि इस आधार पर  हर नगर निगम कमिश्नर की नियुक्ति पर कानूनी  प्रश्न चिन्ह भी उठता  है हालांकि आज तक किसी ने भी इस और ध्यान नहीं दिया. गजट नोटिफिकेशन में कमिश्नर की नियुक्ति अधिसूचित न होने के कारण उसके द्वारा पारित आदेशो/निर्देशों को अदालत में चुनौती भी दी जा सकती है. जहाँ तक सचिन गुप्ता की जिला नगरपालिका आयुक्त के तौर पर तैनात का विषय है, तो उस पद के लिए गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित करने का कानून में कोई अनिवार्यता नहीं है हेमंत ने बताया कि हरियाणा नगर निगम कानून  के मूल  धारा 45(1)  में हालांकि यह प्रावधान  था कि केवल 5 वर्ष की सेवा वाला आईएएस अधिकारी ही नगर निगम कमिश्नर  तैनात किया जा  सकता है परन्तु अगस्त, 2015 में  इस धारा में कानूनी संशोधन कर नगर निगम कमिश्नर पद  के लिए उपरोक्त   अनिवार्यता समाप्त कर दी गई थी   एवं यह प्रावधान कर दिया गया कि नगर निगम कमिश्नर पद पर राज्य सरकार  उपयुक्त अधिकारी को नियुक्त कर सकती है.  इसका अर्थ है कि आज की तारीख में न केवल आईएएस या एचसीएस अधिकारी, बल्कि प्रदेश सरकार किसी भी राजपत्रित अधिकारी को कानूनन नगर निगम कमिश्नर तैनात कर सकती है.

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