अमित कुमार
अंबाला कवरेज@ अंबाला। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि जिला अम्बाला में टीबी बीमारी से ग्रसित मरीज ठीक हो रहे हैं और जिले के तहत 151 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं जोकि एक सराहनीय कार्य है। जो ग्राम पंचायते शेष रह गई हैं, उन्हें भी टीबी मुक्त करने की दिशा में बेहतर तरीके से कार्य करना है। उपायुक्त वीरवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा किंगफिशर पर्यटन स्थल अम्बाला शहर में आयोजित राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे और यह अभियक्ति उन्होंने उपस्थित सरपंचों व अन्य को अपने सम्बोधन में कही। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा में अम्बाला ऐसा पहला जिला है जिसमें 151 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुई हैं। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग व पंचायत विभाग के साथ-साथ समाजिक संस्थाएं बधाई की पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जो ग्राम पंचायतें शेष रह गई हैं, उन्हें भी टीबी मुक्त करने की दिशा में दोगुनी शक्ति से कार्य करना है और जिला अम्बाला को टीबी मुक्त बनाना है। उपायुक्त ने इस मौके पर यह भी कहा कि बचपन में टीबी बीमारी के बारे में यही कहा जाता था कि खून वाली खांसी जिसे होती है वह टीबी बीमारी से ग्रसित है। उस समय इस बीमारी को लाईलाज बीमारी कहा जाता था। उनके लिए बडे ही हर्ष की बात है कि उनके जीवनकाल में संभव हो रहा है कि टीबी बीमारी से बचाव करने बारे एडवांस तकनीक आ गई है, अब इस बीमारी का ईलाज बेहतर तरीके से करते हुए जो इस बीमारी की चपेट में आता है उसका ईलाज करके इस बीमारी से बाहर लाने का काम किया जा रहा है। सबसे बड़ी खुशी की बात यह है कि पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने में कार्य किए जा रहे हैं, गांव-गांव में इस बारे लोगों को जागरूक करते हुए जो भी इस बीमारी से ग्रसित है उसका ईलाज करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है बल्कि समय रहते इसका ईलाज करवाकर इससे निजात पाना है।
उपायुक्त ने इस मौके पर टीबी मुक्त अभियान के तहत 151 ग्राम पंचायतों को प्रशंसा पत्र व स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार करवाई गई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कांस्य व चांदी की प्रतिमा देकर उनको सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने 138 ग्राम पंचायतों जिन्हें वर्ष 2024 के तहत टीबी मुक्त किया गया है, जिन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की कांस्य वाली प्रतिमा तथा 13 ऐसी ग्राम पंचायतें जिन्हें वर्ष 2023-24 के तहत टीबी मुक्त घोषित किया गया है उन्हें चांदी की प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया है। इस मौके पर सिविल सर्जन डा. राकेश सहल ने उपायुक्त अजय सिंह तोमर व डिप्टी डायरैक्टर एवं राज्य टीबी रोग अधिकारी राजेश राजु को पर्यावरण का प्रतीक पौधा, स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर उनका भव्य अभिंनदन किया। इस अवसर पर एनजीओस को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर उपस्थित सभी को टीबी मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलवाई गई।
इस मौके पर डप्टी डायरैक्टर एवं राज्य टीबी रोग अधिकारी राजेश राजु ने मुख्य अतिथि व उपस्थित सरपंचों का यहां पर स्वागत करते हुए टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में अपनी शत प्रतिशत भूमिका निभाने पर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत हमें पूरे जिला अम्बाला को टीबी मुक्त करना है। इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. राकेश सहल ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में पंचायत राज संस्थाओं, स्वास्थ्य विभाग व एनजीओस का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस अभियान में अपना योगदान देते हुए एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। मंच संचालन की भूमिका डा. कुलविन्द्र कौर ने बखूबी निभाई। इस अवसर पर उप सिविल सर्जन एवं टीबी मुक्त अभियान के नोडल अधिकारी डा. सीमा ने भी सभी का स्वागत करते हुए कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आहवान है कि वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करना है और इस दिशा में हम सबको मिलकर कार्य करना है। उन्होंने यह भी बताया कि टीबी मुक्त के लिए विश्व का 2030 का लक्ष्य है लेकिन हमें इस लक्ष्य से पहले ही भारत को टीबी मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आज जिन ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त अभियान के तहत सम्मानित किया गया है उनके लिए निर्धारित मापदंड तय किए गए थे जिन पर वे खरा उतरे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी इस अभियान के तहत जो शेष ग्राम पंचायतें रह गई है उन्हें भी जल्द ही टीबी मुक्त किया जाएगा।
इस मौके सिविल सर्जन डा. राकेश सहल, डा. सीमा, डा. चित्रा शर्मा, डा. नीलम कुशवाहा, डा. पवन चौधरी, डा. गुरमीत सिंह, डा. विकास, डा. कुलविन्द्र, डीडीपीओ दिनेश शर्मा, डीआईपीआरओ धर्मेन्द्र कुमार के साथ-साथ सरपंचगण व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।