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निजी स्कूलों की फीस सहित अन्य मुद्दों को लेकर स्कूल संचालकों व शिक्षामंत्री के बीच बैठक, पढ़िए किन मामलों पर हुई चर्चा

पंचकूला (अंबाला कवरेज)। लॉक डाउन के बाद लगातार निजी स्कूल संचालकों की बढ़ती परेशानियों के बीच प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए एसएलसी के बिना सरकारी स्कूलों में एडमिशन दिए जाने के आदेशों पर निजी स्कूल संचालकों के संगठनों ने शिक्षामंत्री कंवरपाल गुज्जर के सामने अपनी बात रखी। पंचकूला में आयोजित की गई बैठक में स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि लॉक डाउन के कारण स्कूल बंद हैं और फीस नहीं आ रही, ऐसे में सरकार द्वारा बिना एसएलसी के सरकारी स्कूलों में एडमिशन देने की बात करना, निजी स्कूल विरोधी फैसला है। स्कूल एसोसिशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कई निजी स्कूलों की तो अभी तक 10 प्रतिशत फीस भी नही आई और ऐसे में सरकार यह फैसला निजी स्कूल विरोधी है। बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के एसीएस डॉ. महावीर सिंह भी मौजूद रहे।

पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में हुई बैठक के दौरान हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू, फेडरेशन आॅफ प्राइवेट स्कूल एसोसिशन के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा, इंट्रीग्रेटिड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सौरभ कपूर सहित कई एसोसिएशन के नेताओं ने अपनी बात रखी। बैठक के दौरान सत्यवान कुंडू ने कहा कि हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ द्वारा मांग की गई कि लॉक डाउन के दौरान स्कूलों का सारा ट्रांसपोर्ट बंद पड़ा है इसके चलते बस की किश्ते भी माफ होनी चाहिए। बस पर जो सरकारी टैक्स लगता है उसके साथ-साथ इंश्योरेंस पर भी माफी होनी चाहिए।

वहीं कुलभूषण शर्मा ने कहा कि लॉक डाउन के कारण निजी स्कूलों को फसी नही आ रही और स्कूल सेलरी नहीं दे पा रहे। जिसके कारण स्कूल स्टाफ व स्कूल संचालक आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। इसलिए सरकार स्कूलों में एसएलसी के बिना एडमिशन दिए जाने के आदेश गलत हैं और वह इसका जमकर विरोध करते हैं और यदि सरकार ने आदेशों को वापस नहीं लिया तो स्कूलों को संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा। वही इंट्रीग्रेटिड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सौरभ कपूर ने कहा कि सरकार कहती है कि निजी स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा में बहुत ही सराहनीय काम कर रहे हैं सरकार को उनका सहयोग करना चाहिए। सौरभ ने कहा कि मान्यता मिलने के 10 साल के बाद केवल स्कूलों की समीक्षा के बारे में कहां गया था। परंतु अधिकारियों द्वारा नई मान्यता का फॉर्म भरने पर स्कूलों पर दबाव डाला जा रहा है। जो सरासर गलत है। वहीं कूंडू ने कहा कि एमआईएस पोर्टल को भी स्कूल के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जोड़ना चाहिए। एसएलसी के दौरान एक ओटीपी जनरेट होना चाहिए। जिससे एसएलसी काटा जा सके।

Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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