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Ambala Today News: कौन होगा सकता है अंबाला भाजपा का जिलाध्यक्ष, पढ़िए अंबाला कवरेज की स्पेशल रिपोर्ट

Who will be the District President of Bharatiya Janata Party Ambala

अंबाला (अंबाला कवरेज)। भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की ओर से पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ को पार्टी का प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही अंबाला में भी चर्चाएं तेज हो गई कि आखिर अंबाला जिला जिलाध्यक्ष कौन होगा। भाजपा पार्टी नेताओं जोरों से चर्चा है कि ओपी धनखड़ के अध्यक्ष बनने के बाद एक बार फिर जिलाध्यक्ष के नाम को लेकर दोबारा से चर्चा हो सकती है। वहीं जो अभी तक भाजपा जिलाध्यक्ष की रेस में सबसे आगे थे, कहीं न कहीं फिर उन्हें अपना सपना पूरा करने के लिए लाइन में लगना होगा। वैसे तो अंबाला भाजपा की बात की जाए तो लंबे समय से जिलाध्यक्ष शहरी एरिया से बनता रहा, लेकिन पहली बार ऐसा देखने में आ रहा है कि ग्रामीण एरिया से भी वरिष्ठ नेताओं के नाम पर चर्चा हो रही है। अब देखना तो यह होगा कि ओपी धनखड़ के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद किसके सिर पर अंबाला जिलाध्यक्ष का ताज सजता है।

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व्यक्तिगत छवि के साथ जगमोहन लाल कुमार फिर रेस में

प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद तीन साल पहले अंबाला शहर विधानसभा क्षेत्र से टिकट के प्रबलदावेदार रहे जगमोहन लाल कुमार को जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी गई। अपनी स्वच्छ छवि और कार्यकुशलता के दम पर जगमोहन ने सरकार में लोगों को पार्टी के साथ जोड़ने का काम किया। जब से जगमोहन शर्मा जिलाध्यक्ष बने, तब से उनपर कोई विवाद नहीं। किसी तरह के कोई आरोप नहीं लगा। यह भी चर्चाएं रही कि विधायक असीम गोयल व जगमोहन के बीच दुरियां हैं, लेकिन वर्ष 2019 के चुनावों के बाद कहीं न कहीं वह दुरियां भी कम होती दिखाई दी। वर्तमान में जगमोहन लाल कुमार को जिलाध्यक्ष के लिए यह इसलिए भी रेस में रखा जा सकता है, क्योंकि ओपी धनखड़ के अध्यक्ष बनने के बाद निश्चिततौर पर प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा मजबूत हुए हैं। ऐसे में भाजपा सरकार बनने के बाद संजय शर्मा व जगमोहन लाल कुमार के बीच हमेशा अच्छे संबंध रहे। ऐसे में वर्तमान में जगमोहन को अंबाला के वरिष्ठ नेताओं के साथ साथ सीएम का भी आशीर्वाद प्राप्त है। यह अगल बात है कि परिवारिक कारणों के कारण विपक्ष व पार्टी नेता उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करते रहे हैं, लेकिन उनकी व्यक्तिगत स्वच्छ छवि के आगे अभी तक कोई भी विवाद बड़ा नहीं हो पाया।

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जिला परिषद मैंबर मंदीप राणा भी दौड़ में शामिल

अंबाला जिला परिषद से मैंबर मंदीप राणा का नाम भी जिलाध्यक्ष की दौड़ में शामिल है। मंदीप राणा जिला परिषद मैंबर होने के साथ साथ विधायक असीम गोयल के करीबी हैं और लगातार पार्टी के लिए काम करते आ रहे हैं। चर्चाएं यह भी है कि विधायक के आशीर्वाद के सहारे मंदीप राणा का नाम लगभग अंबाला जिला जिलाध्यक्ष के लिए तय हो चुका था, लेकिन ओपी धनखड़ के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद एक बार फिर स्मीकरण बदल गए हैं। वहीं स्वच्छ छवि और पार्टी के प्रति कर्त्तव्य निष्ठा के मामले में मंदीप राणा का भी कोई मुकाबला नही है।

सतीश मेहता के नाम पर भी चल रहा विचार

साहा के रहने वाले सतीश मेहता का नाम भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल है। संघ से जुडेÞे सतीश मेहता तीन बार महामंत्री रह चुके हैं। भाजपा नेता संजय शर्मा के अंबाला जिलाध्यक्ष के समय में सतीश मेहता महामंत्री रहे, तो वहीं दूसरी तरफ जब वर्ष 2019 के चुनावों में संजय शर्मा को मुलाना विधानसभा क्षेत्र का प्रभावी बनाया गया तो वहां पर भी सतीश मेहता ने मिलकर काम किया। इसके नाम पर चर्चा इसलिए भी जरूरी है कि मुलाना विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कांग्रेस का विधायक है और एरिया को मजबूत करने के लिए पार्टी सतीश मेहता के कंधों पर जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी डाल सकती है। इसके साथ ही किसान मोर्चा के अध्यक्ष रहे रामबीर चौहान का नाम भी जिलाध्यक्ष की लिस्ट में शामिल है। वहीं महामंत्री राजेश भी अंबाला जिलाध्यक्ष बनने की दौड़ में हैं। फिलहाल पार्टी अंबाला जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी किसे देती है, यह तो कहना मुश्किल है, लेकिन यह पूरी तरह साफ है कि भाजपा अंबाला जिलाध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

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Ambala Coverage
Author: Ambala Coverage

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